Indian Live Tv National Hindi News Channel
शुद्ध मन से मित्रता स्थापित करना ही सच्ची मित्रता है - राष्ट्रीय संत स्वामी कमलदास जी बापू
चित्रकूट: राजस्थान के अलवर से शिवरामपुर पधारे हुए श्री लाइना बाबा सरकार के कृपा पात्र श्री शिवमहा पुराण कथा के राष्ट्रीय कथा वाचक राष्ट्रीय संत स्वामी कमलदास जी बापू ने आज कहा है कि जब हम बाजार में सोना चांदी हीरा पन्ना माणक मोती खरीदने के लिए जाते हैं सबसे पहले हम परीक्षा करते हैं यह असली है या नकली है उसके बाद ही हम कोई वस्तु खरीदना पसंद करते हैं तब फिर भला हम किसी के साथ में मित्रता का संबंध स्थापित करना प्रारंभ करते हैं तो क्या पहले परीक्षा नहीं करनी चाहिए अवश्य ही करनी चाहिए जिससे हमारे को पता लग जाएगा मित्र सच्चा है या नकली है जो किसी भी वस्तु की कामना के भगत शुद्ध मनुष्य मित्रता स्थापित करता है वही वास्तव के अंदर सच्चा मित्र फैलाने का अधिकारी बनता है हम स्वयं शुद्ध मन से ही किसी का मित्र बने तो साथ के अंदर शुद्ध मन वाले व्यक्ति को ही अपना मित्र बनाने का प्रयास करेंगे तो मित्रता हमारे लिए वरदान बन जाएगी
यदि मित्रता के साथ में मन के अंदर कपट है वह कभी भी मित्र नहीं हो सकता है वह तो एक तरह से मित्रता नहीं महा धूर्तता है ऐसे मित्र को हमेशा ही धिक्कार्ता के ही पात्र बनते हैं ऐसे मित्र समय आने पर अपने धूर्तता दिखने में कोई कमी नहीं रखते हैं आगे जाकर वह सब जगह पर धिक्कार ही प्राप्त करते हैं ज्ञान की पाठशाला का प्रत्येक विद्यार्थी जब पाठशाला में प्रवेश करें उसे समय अपने मन के अंदर यह संकल्प करके हम किसी को भी स्वार्थ के लिए अपना मित्र नहीं बनाएंगे शुद्ध मन से मित्रता स्थापित करना ही है मेरे लिए सच्चे मित्रता रहेगी तो उसे विद्यार्थियों का ज्ञान प्राप्त करना उसके लिए भी सार्थक बन जाएगा।
Comments
Post a Comment